उत्तर भारत में फरवरी 2026 के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक रुख बदल लिया है। पिछले कुछ दिनों तक तेज धूप और साफ आसमान के बाद अब ठंड, बादल और बारिश की वापसी के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई राज्यों में मौसम अस्थिर बना हुआ है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान और पंजाब की दिशा से आ रही नम हवाओं ने उत्तर भारत के बड़े हिस्से को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इन हवाओं के कारण आसमान में घने बादल छा गए हैं और तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। फरवरी 2026 के 20 से 28 तारीख के बीच कई इलाकों में बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और गलन में इजाफा हो सकता है।
इन राज्यों में ज्यादा असर की संभावना
हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं। पिछले तीन दिनों तक मौसम लगभग साफ था, लेकिन फरवरी 2026 की 26 तारीख की दोपहर से बादलों की आवाजाही ने हालात बदल दिए हैं।
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
किसानों के लिए यह समय बेहद अहम माना जा रहा है। यदि आपके क्षेत्र में बादल छाए हुए हैं या बारिश की संभावना है, तो अगले दो दिनों तक फसलों में कीटनाशक या अन्य दवाओं का स्प्रे करने से बचना चाहिए। बारिश के कारण दवा बह सकती है और उसका असर कम हो जाता है, जिससे मेहनत और पैसा दोनों बेकार जाने का खतरा रहता है।
फसलों की देखभाल कैसे करें
गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों को इस समय विशेष देखभाल की जरूरत होती है। फसल की अधिक बढ़वार को नियंत्रित करने के लिए पीजीआर का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए मौसम का साफ होना जरूरी है। अनुमान है कि फरवरी 2026 की 29 और 30 तारीख के बाद मौसम दोबारा साफ हो सकता है, तब खाद, सिंचाई और स्प्रे जैसे काम सुरक्षित रूप से किए जा सकते हैं।
अगले 48 घंटे क्यों हैं महत्वपूर्ण
आने वाले 48 घंटे उत्तर भारत के मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील रहने वाले हैं। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट आ सकती है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम की इस जानकारी को अन्य किसान भाइयों के साथ साझा करें ताकि समय रहते फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
Disclaimer: This article is for informational purposes only. Weather conditions and forecasts may change. Readers are advised to follow official weather department updates before making any agricultural or personal decisions.









